हर तरफ खुदा ही जलवानुमा है, बस देखने वाली नज़र चाहिए ॥
उसका होना होता है ज़ाहिर भी , दिल में जुनूं तो मगर चाहिए ॥
तारे हुस्न ज़िन्दगी सभी हैं, और क्या तुझे उसकी खबर चाहिए ॥
वो तुझमें भी है और मुझमें भी, तलाश में बस असर चाहिए ॥
कुलबुलाने से बात बनेगी नहीं , इंसानियत को एक ग़दर चाहिए ॥
वो बयान है तेरे होने ही में , ये सीधी बात समझे वो सर चाहिए ॥
Monday, November 1, 2010
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