Monday, June 28, 2010

पञ्च भूतों का शरीर आज नहीं कल पञ्च भूतों में ही लीन होगा , पर यदि हमारे सदगुरुओं के वचनों को प्रामाणिक माना जाये तो चैतन्य अपनी अमर यात्रा पर ही रहता है।

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