Friday, September 24, 2010

पापा , होश में मरना है , ताकि अगला जन्म आप स्वेच्छा से ले सकें ... होश में प्राण त्यागने हैं ... पापा की पलकें बंद थीं ... वोह बस गर्दन से हाँ का इशारा करते रहते थे ...कठिन काम था ... रुंधे गले से अपने पिता को मरने की सलाह देना ... पर मैंने ७ दिन तक ये प्रयोग किया... मुझे नहीं पता पापा ने होश में देहत्याग किया या नहीं ... पर यदि मृत्यु के पार भी जीवन है तो कदाचित यह प्रयोग पापा के काम आया हो !

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